November 30, 2022

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UP News दो पारिवारिक पेंशन के हकदारों के लिए अब अधिक पेंशन पाने का रास्ता साफ हो गया है। अब तक दोनों पारिवारिक पेंशन का योग 15 हजार रुपये प्रतिमाह से अधिक नहीं हो सकता था जिसे अब बढ़ाकर 112500 रुपये प्रति माह कर दिया गया है।

लखनऊ, राज्य ब्यूरो। पारिवारिक पेंशन स्कीम (family pension scheme), 1965 के अंतर्गत ऐसे लोग जो दो पारिवारिक पेंशन पाने के हकदार हैं, उनके लिए अब अधिक पेंशन पाने का रास्ता साफ हो गया है। शासन ने दोनों पारिवारिक पेंशन की अधिकतम धनराशि को संशोधित करते हुए बढ़ा दिया है। पारिवारिक पेंशन के लाभों में 7.5 गुना तक की वृद्धि की गई है।
यदि पति-पत्नी दोनों सरकारी सेवक हों और दोनों की मृत्यु हो जाती है तो मृतकों के लाभार्थी बच्चों को दो पारिवारिक पेंशन दी जाती है। अभी तक लागू व्यवस्था में पारिवारिक पेंशन स्कीम 1965 के अंतर्गत यदि दोनों पारिवारिक पेंशन बढ़ी हुई दरों या एक बढ़ी हुई और दूसरी सामान्य दर पर अनुमन्य की गई हो तो उनका योग 15000 रुपये प्रतिमाह से अधिक नहीं होना चाहिए।

यदि दोनों पारिवारिक पेंशन सामान्य दर पर अनुमन्य की गई हों तो उनका योग 9000 रुपये प्रतिमाह से ज्यादा नहीं होना चाहिए। वित्त विभाग ने बुधवार को शासनादेश जारी कर दोनों पारिवारिक पेंशनों के योग की अधिकतम सीमा को बढ़ा दिया है।
सातवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद अब पेंशन की दरों को भी संशोधित कर दिया गया है। 13 जनवरी 2016 को जारी शासनादेश में कहा गया था कि दोनों पारिवारिक पेंशन बढ़ी हुई दरों पर स्वीकृत की गई हों, तो उनका योग 15 हजार रुपये प्रतिमाह से अधिक नहीं होगा।

जहां एक पारिवारिक पेंशन बड़ी हुई दर पर और दूसरी पारिवारिक पेंशन सामान्य दर पर स्वीकृत की गई हों, वहां भी दोनों पारिवारिक पेंशन का योग 15 हजार रुपये से अधिक नहीं होगा। जहां दोनों पारिवारिक पेंशनें सामान्य दर पर स्वीकृत की गई हों, वहां उनका योग नौ हजार रुपये प्रति माह से अधिक नहीं होगा।
एक जनवरी 2016 से पारिवारिक पेंशन की न्यूनतम राशि 9 हजार रुपये प्रति माह अनुमन्य है। शासनादेश के अनुसार यदि दोनों पारिवारिक पेंशन बढ़ी हुई दरों पर अनुमन्य की गई हों या एक बढ़ी हुई दर और दूसरी सामान्य दर पर स्वीकृत की गई हो तो दोनों का योग 1,12,500 रुपये प्रतिमाह से अधिक नहीं होगा। जहां दोनों पारिवारिक पेंशन सामान्य दर पर स्वीकृत की गई हों, वहां उनका योग 67500 रुपये प्रतिमाह से अधिक नहीं होगा।

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