November 30, 2022

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UP News उत्तर प्रदेश स्टेट कैपिटल रीजन यानी यूपीएससीआर में विश्व स्तरीय सुविधाएं होंगी। इसके सभी जिलों का समान रूप से विकास होगा और सभी जिले इंटर कनेक्ट होंगे। इससे सभी शहरों से आवागमन इंफ्रास्ट्रक्चर रोड और मेट्रो सेवाओं का विस्तार होगा।

UP News: लखनऊ, जेएनएन। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संभावनाओं की राह दिखाई और अधिकारियों ने उनके विजन को धरातल पर उतारने की कसरत शुरू भी कर दी है। मुख्यमंत्री की नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) के तर्ज पर उत्तर प्रदेश स्टेट कैपिटल रीजन (UPSCR) बनाने की घोषणा के बाद कार्य योजना पर तेजी से कार्य शुरू कर दिया गया है।
यूपीएससीआर के सभी जिलों के सुनियोजित और सुव्यवस्थित विकास के लिए विश्व स्तरीय सुविधाओं पर जोर दिया जा रहा है, ताकि पूरे यूपीएससीआर का विकास हो और सभी जिलों में समान रूप से निवेश को बढ़ावा मिले। डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय कंपनी का चयन किया जाएगा।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने निकट भविष्य की जरूरतों को देखते हुए हाल ही में उच्च स्तरीय बैठक में यूपीएससीआर की कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद यूपीएससीआर में विश्व स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पहली प्राथमिकता आधारभूत संरचनाओं के विकास पर है। इसीलिए डीपीआर के लिए ऐसी कंपनी के चयन की योजना है, जिसने पहले इस तरह के प्रोजेक्ट की रचना की हो, इसके लिए अंतरराष्ट्रीय टेंडर निकाला जाएगा।

फिलहाल अभी फोकस यूपीएससीआर के सभी जिलों के समान रूप से विकास पर है। रोड कनेक्टिविटी बेहतर करने के लिए जिले इंटर कनेक्ट होंगे। इससे सभी शहरों से आवागमन आसान होगा। इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर, रोड और मेट्रो सेवाओं को भी विस्तार किया जाएगा। यूपीएससीआर के जिलों में सुनियोजित विकास के लिए रोडमैप तैयार किया जाएगा। साथ ही निवेश को बढ़ावा देने के लिए नए औद्योगिक क्षेत्र भी गठित होंगे। इससे औद्योगिक विकास को पंख लगेंगे।

सीएम योगी आदित्यनाथ के एक ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के लक्ष्य को पाने में यूपीएससीआर बड़ी भूमिका निभाएगा। इसके लिए सभी जिलों में समान रूप से निवेश को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि किसी एक शहर पर बोझ न पड़े, बल्कि सर्वसमावेशी विकास हो। इसके लिए सरकार अलग से बजट आवंटित कर सकती है। यूपीएससीआर के लिए बनने वाली तीन कमेटियों में स्टेट लेवल हाई कमेटी निर्णय लेगी, जिस पर सीएम योगी अंतिम मुहर लगाएंगे। जबकि दूसरी कमेटी कार्रवाई अमल में लाएगी। तीसरी कमेटी तीनों मंडलों लखनऊ, कानपुर और अयोध्या के कमिश्नर की अध्यक्षता में होगी, जो शहरी विकास को धरातल पर उतारेंगे।

उत्तर प्रदेश राज्य राजधानी क्षेत्र की परिकल्पना के संबंध में शुक्रवार को मुख्यमंत्री के समक्ष आवास एवं शहरी नियोजन विभाग के तहत मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक (सीटीसीपी) द्वारा तैयार किए गए प्रस्तुतीकरण में छह जिले लखनऊ, उन्नाव, रायबरेली, बाराबंकी, कानपुर नगर व कानपुर देहात ही शामिल थे। विभागीय अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि इन छह जिलों को मिलाकर एससीआर का क्षेत्रफल जहां 22,273 वर्ग किलोमीटर होगा वहीं इसमें रहने वालों की आबादी लगभग 2.07 करोड़ होगी।

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